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Chapter 28 - अध्याय 28: आकाश की अप्सरा और गिरा हुआ देवता (The Angel of the Sky and the Fallen God)

लेडी स्कारलेट के बंकर को जलाने के बाद, विक्रम रुका नहीं। उसने मैप के निर्देशांक (Coordinates) को अपने सिस्टम में फीड किया।

​उसका अगला लक्ष्य 'स्काई-आईलैंड' (Sky Island) था—बादलों के ऊपर तैरता हुआ एक रहस्यमयी किला, जिसे लोग 'देवताओं का घर' कहते थे।

​विक्रम ने एक ऊंची इमारत की छत से छलांग लगाई।

​[बीस्ट सोल सक्रिय: एबिसल डेविल विंग्स]

​उसकी पीठ से दो विशालकाय, काले और फटे हुए ड्रेगन पंख (Dragon Wings) निकले। विक्रम ने हवा को चीरते हुए सीधी ऊपर की उड़ान भरी। हवा का दबाव बहुत ज्यादा था, और ऑक्सीजन कम होती जा रही थी, लेकिन उसका 'ओरिजिन स्पिरिट गॉड बॉडी' इसे आसानी से झेल रहा था।

​बादलों की परत को पार करते ही, नज़ारा बदल गया।

​नीचे का शहर (आयरन-क्लिफ) धुएं और गंदगी से भरा था, लेकिन यहाँ ऊपर... सब कुछ शुद्ध सफेद संगमरमर और सोने से बना था। हवा में मीठी खुशबू थी और अजीब से शांतिदायक संगीत की धुन गूंज रही थी।

​"यह जगह..." विक्रम ने सोचा। "यह तो स्वर्ग जैसी लगती है।"

​सिस्टम ने चेतावनी दी: [उच्च स्तरीय पवित्र ऊर्जा का पता चला। सतर्क रहें।]

​विक्रम ने अपने काले पंखों को समेट लिया और 'वॉयड वॉक' (Void Walk) का इस्तेमाल करते हुए एक बगीचे में उतरा। यह बगीचा 'ईडन गार्डन' जैसा लग रहा था। चमकते हुए पेड़, चांदी के पानी वाले झरने और हवा में तैरते हुए फूल।

​उसे मैप के अनुसार तीसरे जीन की लोकेशन यहीं कहीं मिल रही थी।

​वह झाड़ियों के पीछे से आगे बढ़ा, और तभी उसके कदम रुक गए।

​झरने के पास, एक बड़े सुनहरे पेड़ के नीचे, एक लड़की बैठी थी।

​वह इंसान नहीं थी।

​उसकी पीठ पर दो बेदाग, दूधिया सफेद पंख (White Wings) थे। उसके बाल पिघले हुए सोने की तरह चमक रहे थे और उसकी त्वचा इतनी साफ थी कि उस पर धूल का एक कण भी नहीं टिक सकता था। वह एक सफेद रेशमी पोशाक पहने हुए थी जो हवा में लहरा रही थी।

​वह अपनी आँखें बंद करके एक वीणा (Harp) बजा रही थी, और उसके आसपास छोटी-छोटी चिड़ियाएं मंत्रमुग्ध होकर बैठी थीं।

​[प्रजाति: स्काई एंजेल (Sky Angel) - पवित्र-रक्त स्तर]

[नाम: सेराफिना (Seraphina)]

​विक्रम ने उसे देखा और एक पल के लिए अपनी सांस लेना भूल गया। मीरा की सुंदरता 'जंगली और तीव्र' थी, स्कारलेट की सुंदरता 'खतरनाक और मोहक' थी, लेकिन इस एंजेल की सुंदरता... 'दिव्य और मासूम' थी।

​विक्रम थोड़ा आगे झुका ताकि उसे बेहतर देख सके, लेकिन तभी उसका पैर एक सूखी टहनी पर पड़ा।

​कड़क!

​संगीत रुक गया।

​सेराफिना ने तुरंत अपनी आँखें खोलीं। उसकी आँखें आसमान जैसी नीली थीं, जिनमें एक सुनहरा घेरा (Ring) था। उसने मुड़कर सीधे विक्रम की ओर देखा।

​विक्रम ने अपनी तलवार निकालने के लिए हाथ बढ़ाया। उसे लगा कि वह हमला करेगी या गार्ड्स को बुलाएगी।

​लेकिन सेराफिना ने न तो चीख मारी और न ही हमला किया। वह अपनी जगह से उठी और जिज्ञासा से विक्रम की ओर बढ़ी।

​"तुम..." उसकी आवाज़ हवा की घंटी जैसी थी। "तुम्हारे पंख... वे काले क्यों हैं?"

​विक्रम थोड़ा हैरान हुआ। उसने अपने पीछे देखा जहाँ उसके 'डेविल विंग्स' अभी भी थोड़े दिखाई दे रहे थे।

​"मैं..." विक्रम ने शब्द ढूंढे। "मैं नीचे की दुनिया से आया हूँ। मैं एक यात्री हूँ।"

​सेराफिना उसके बिल्कुल करीब आ गई। वह उड़ नहीं रही थी, बल्कि घास पर नंगे पैर चल रही थी। उसने विक्रम के सामने आकर उसे ऊपर से नीचे तक देखा। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी पहचान थी।

​"दादी माँ कहती थीं कि एक दिन 'वह' आएगा," सेराफिना ने धीरे से कहा। "वह, जिसके पास 'अंधकार' के पंख होंगे, लेकिन जिसके दिल में 'मूल' (Origin) की रोशनी होगी।"

​उसने अपना हाथ उठाया और झिझकते हुए विक्रम के गाल को छुआ। उसका स्पर्श पंख जैसा हल्का था।

​विक्रम को एक करंट सा लगा। जैसे मीरा के साथ 'पानी' का कनेक्शन था, वैसे ही इस एंजेल के साथ 'आकाश' का कनेक्शन महसूस हो रहा था।

​"तुम गर्म हो," सेराफिना मुस्कुराई, एक ऐसी मासूम मुस्कान जिसने विक्रम के दिल की धड़कन बढ़ा दी। "यहाँ ऊपर सब कुछ ठंडा है। मैं अकेली हूँ। बाकी सब एंजेल गार्ड्स सिर्फ मशीन की तरह बात करते हैं।"

​विक्रम का गार्ड (सतर्कता) थोड़ा नीचे हो गया। "तुम अकेली रहती हो?"

​"मैं 'स्काई-हार्ट' (Sky-Heart) की रक्षक हूँ," सेराफिना ने पीछे उस सुनहरे पेड़ की ओर इशारा किया, जिसके तने में एक बिजली जैसा चमकता हुआ क्रिस्टल धड़क रहा था। वही तीसरा जीन था।

​"मुझे इसे छोड़कर जाने की अनुमति नहीं है," सेराफिना ने उदासी से कहा। फिर उसने विक्रम की आँखों में देखा। "क्या तुम मुझे लेने आए हो? क्या तुम मेरे... 'गिरे हुए राजकुमार' (Fallen Prince) हो?"

​विक्रम को समझ नहीं आया कि यह कोई भविष्यवाणी थी या बस इस भोली लड़की की कल्पना। लेकिन वह माहौल बहुत जादुई था।

​हवा चली और सेराफिना के बाल उड़कर विक्रम के चेहरे पर आ गए। उनकी खुशबू ताजी बारिश जैसी थी।

​विक्रम ने धीरे से उसके बालों को हटाया। "अगर तुम चाहती हो, तो मैं तुम्हें इस पिंजरे से ले जा सकता हूँ।"

​सेराफिना की आँखों में आंसू आ गए। उसने अचानक आगे बढ़कर विक्रम को गले लगा लिया। उसके सफेद पंख और विक्रम के काले पंख आपस में मिल गए—जैसे यिन और यांग का सही मिलन।

​"कृपया," उसने विक्रम के सीने में अपना चेहरा छिपाते हुए कहा। "मुझे अपने साथ ले चलो। मैं सदियों से तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी।"

​विक्रम ने उसे अपनी बांहों में भर लिया। यह स्थिति मीरा वाली से अलग थी। यहाँ कोई जबरदस्ती या पागलपन नहीं था, बस एक गहरा और रूहानी सुकून था।

​लेकिन विक्रम जानता था कि यह शांति तूफान से पहले की है। उसे वो 'स्काई-हार्ट' (जीन) भी चाहिए था, और सेराफिना उसकी रक्षक थी।

​"सेराफिना," विक्रम ने धीरे से उसे अलग किया, लेकिन उसका हाथ थामे रखा। "मैं तुम्हें ले जाऊंगा। लेकिन मुझे उस 'स्काई-हार्ट' की ज़रूरत है। क्या तुम मुझे वो दे सकती हो?"

​सेराफिना ने पेड़ की ओर देखा, फिर विक्रम की ओर।

​"वह मेरी जीवन शक्ति से जुड़ा है," उसने खुलासा किया। "अगर तुम उसे ले लोगे, तो यह आईलैंड गिर जाएगा... और शायद मैं भी अपनी शक्तियां खो दूँगी।"

​विक्रम रुक गया। वह जीन चाहता था, लेकिन वह इस मासूम लड़की की जान नहीं लेना चाहता था जिसने उसे अपना 'राजकुमार' मान लिया था।

​"कोई और रास्ता होगा," विक्रम ने सोचा।

​तभी, बगीचे के चारों ओर सायरन बजने लगे।

​[चेतावनी: घुसपैठिये का पता चला!]

[आर्क-एंजेल गार्ड्स (Arch-Angel Guards) तैनात किए जा रहे हैं!]

​आसमान से चार विशालकाय, बख्तरबंद एंजेल्स (Armored Angels) नीचे उतरे। उनके हाथों में जलती हुई तलवारें थीं।

​"राजकुमारी से दूर हटो, दानव!" सबसे बड़ा गार्ड गरजता हुआ बोला।

​सेराफिना विक्रम के सामने खड़ी हो गई, अपने पंख फैलाकर। उसका मासूम चेहरा अब सख्त हो गया था।

​"इन्हें मत छूना!" उसने आदेश दिया। "यह मेरे मेहमान हैं!"

​"यह एक 'गिरा हुआ' (Fallen) है, राजकुमारी," गार्ड ने कहा। "और नियमों के अनुसार, इसे शुद्ध (मारना) करना होगा।"

​विक्रम ने सेराफिना के कंधे पर हाथ रखा और उसे धीरे से पीछे किया।

​"आराम करो, परी," विक्रम ने अपनी तलवारें निकालीं और उसके काले पंख पूरी तरह फैल गए। "तुमने मेरा स्वागत किया, अब मुझे इन मेहमानों का 'स्वागत' करने दो।"

​उसने गार्ड्स की ओर देखकर शैतानी मुस्कान बिखेरी।

​"तुम्हें लगता है मैं 'गिरा हुआ' हूँ?" विक्रम की आँखों में बैंगनी रोशनी (Time Gene Effect) चमकने लगी। "मैं गिरा नहीं हूँ... मैं बस नर्क से उठकर आया हूँ।"

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