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Chapter 2 - sahar ka narak

1. अस्पताल का सन्नाटा

शहर का 'सेंट थॉमस अस्पताल' अपनी शांति के लिए जाना जाता था, लेकिन आज उस शांति में एक भारीपन था। वॉर्ड नंबर 402, जहाँ आर्यन को रखा गया था, उसके बाहर लगे बिजली के बल्ब रह-रहकर टिमटिमा रहे थे। डॉक्टर खन्ना, जो शहर के सबसे अनुभवी मनोवैज्ञानिक थे, आर्यन की रिपोर्ट देखकर हैरान थे। रिपोर्ट के मुताबिक, आर्यन के शरीर का तापमान सामान्य से बहुत कम था—इतना कम कि एक जीवित इंसान का बचना नामुमकिन था।

जैसे ही डॉक्टर खन्ना कमरे के अंदर दाखिल हुए, उन्हें महसूस हुआ कि हवा का दबाव बदल गया है। आर्यन बिस्तर पर बैठा था, उसकी पीठ डॉक्टर की तरफ थी। वह फुसफुसा रहा था।

"आर्यन? क्या आप मुझे सुन सकते हैं?" डॉक्टर ने धीरे से पूछा।

आर्यन की गर्दन 180 डिग्री के कोण पर मुड़ी। यह एक इंसान के लिए नामुमकिन था। उसकी आँखों में सफेद पुतलियों की जगह अब गाढ़ा काला सन्नाटा था। उसने अपनी आवाज़ में नहीं, बल्कि कई आवाज़ों के मिश्रण में कहा, "डॉक्टर, क्या आपने कभी अपनी रूह को जलते हुए देखा है?"

उस रात अस्पताल के उस वॉर्ड से ऐसी चीखें निकलीं कि अगले दिन अस्पताल के रिकॉर्ड से डॉक्टर खन्ना का नाम और वॉर्ड नंबर 402 का अस्तित्व ही मिटा दिया गया।

2. कैमरे का असली रहस्य

आर्यन का दोस्त, समीर, जो एक डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट था, उसे आर्यन का वह टूटा हुआ कैमरा मिला था। पुलिस ने इसे कचरा समझकर छोड़ दिया था, लेकिन समीर जानता था कि आर्यन इस कैमरे को अपनी जान से ज़्यादा प्यार करता था।

समीर ने अपनी लैब में बैठकर जब मेमोरी कार्ड को रिकवर करना शुरू किया, तो उसे कुछ ऐसी फाइलें मिलीं जो तकनीकी रूप से संभव नहीं थीं। फाइलों की तारीख '1924' दिखा रही थी। वीडियो फाइल प्ले करते ही स्क्रीन पर धुंधली आकृतियाँ उभरने लगीं।

वीडियो में आर्यन नहीं था। वीडियो में 'काली घाटी' की वही हवेली थी, लेकिन वह टूटी हुई नहीं, बल्कि आलीशान दिख रही थी। कैमरे का लेंस जैसे समय के पार देख रहा था। समीर ने देखा कि एक आदमी (जो बिल्कुल आर्यन जैसा दिख रहा था) एक मेज़ पर बैठा कुछ लिख रहा था। उसने मुड़कर कैमरे की तरफ देखा और मुस्कुराया। वह मुस्कान समीर के खून को जमा देने के लिए काफी थी। उस आदमी ने अपनी उंगली से कैमरे की स्क्रीन पर एक निशान बनाया—वही निशान जो अब समीर के लैपटॉप की स्क्रीन पर उभरने लगा था।

अचानक, समीर के कमरे का तापमान गिर गया। उसके लैपटॉप से खून जैसा काला तरल रिसने लगा। उसे अपने पीछे किसी के खड़े होने का अहसास हुआ।

3. शहर में सायों का जाल

आर्यन अब अस्पताल से गायब हो चुका था। शहर में अजीबोगरीब घटनाएँ होने लगी थीं। लोग अपने ही घरों के आईनों में खुद को नहीं देख पा रहे थे। शहर की गलियों में कुत्तों के भौंकने की आवाज़ें बंद हो गई थीं।

आर्यन (या वह चीज़ जो उसके अंदर थी) अब शहर के सबसे पुराने पुस्तकालय 'द ओल्ड आर्काइव्स' में बैठा था। वह उन नक्शों को ढूँढ रहा था जो शहर के सीवर सिस्टम और पुरानी इमारतों की नींव को दर्शाते थे। ठाकुर गजेंद्र सिंह को सिर्फ एक शरीर नहीं चाहिए था, उसे पूरा शहर एक 'बलि वेदी' के रूप में चाहिए था।

पुस्तकालय का गार्ड जब वहाँ पहुँचा, तो उसने देखा कि हज़ारों किताबें हवा में तैर रही हैं और आर्यन के चारों ओर एक काला घेरा बना हुआ है। आर्यन के हाथों से निकलने वाली काली लपटें किताबों के पन्नों को जला नहीं रही थीं, बल्कि उनके ज्ञान को सोख रही थीं।

4. मृणालिनी की वापसी

लेकिन खौफ के इस खेल में एक और खिलाड़ी था। मृणालिनी की रूह, जो हवेली में आर्यन को बचाने की कोशिश कर रही थी, अब समीर के सपनों में आने लगी थी।

समीर को एक रात सपने में दिखा कि मृणालिनी उसे एक पुराने कुएँ की ओर ले जा रही है जो शहर के बीचों-बीच बने एक पार्क के नीचे दबा हुआ था। "उसे रोको समीर... वह 'रक्त-पर्व' शुरू करने वाला है। अगर सूरज ढलने से पहले उसने पाँच निर्दोषों की बलि दे दी, तो शहर का हर इंसान उसका गुलाम बन जाएगा।"

समीर की आँख खुली तो उसके सीने पर नीले हाथ के निशान थे। उसे समझ आ गया कि यह सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक चेतावनी थी।

5. सस्पेंस और तबाही का मंज़र (The Grand Climax)

समीर ने अपनी पूरी हिम्मत जुटाई और उस पुराने पार्क की ओर भागा। वहाँ उसने देखा कि आर्यन पहले से ही मौजूद था। उसके चारों ओर शहर के पाँच रईस और प्रभावशाली लोग बेहोश पड़े थे।

आर्यन ने समीर को देखा और खिलखिलाकर हंसा। "समीर, तुम बहुत देर से आए। मृणालिनी ने तुम्हें रास्ता तो दिखाया, लेकिन वह यह बताना भूल गई कि इस खेल में जो हारता है, वह मरता नहीं... वह अमर हो जाता है, दर्द के साथ।"

जैसे ही आर्यन ने अपना खंजर हवा में उठाया, आसमान काला हो गया। बिजली कड़कने लगी, लेकिन वह बिजली सफेद नहीं, बल्कि बैंगनी रंग की थी। पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। हज़ारों लोग अपने घरों की छतों पर निकल आए, जैसे किसी सम्मोहन (Hypnosis) में हों। वे सब एक साथ एक ही दिशा में देखने लगे—उस पार्क की तरफ।

समीर ने चिल्लाकर मृणालिनी का नाम लिया। अचानक, पार्क के नीचे से ज़मीन फटी और वही पुरानी हवेली के स्तंभ बाहर निकलने लगे। शहर की आधुनिक सड़कों के बीच से 100 साल पुरानी शैतानी इमारतें उभर रही थीं।

6. चैप्टर का अंत और महा-सस्पेंस (The Final Twist)

समीर ने आर्यन के हाथ से वह कैमरा छीन लिया और उसे ज़मीन पर दे मारा। एक तेज़ रोशनी हुई। आर्यन का शरीर कांपने लगा। ऐसा लगा जैसे ठाकुर की रूह बाहर निकल रही हो।

लेकिन तभी... समीर रुक गया। उसने देखा कि आर्यन की आँखों से आंसू गिर रहे थे। "समीर... मुझे मार दो... वह मेरे अंदर नहीं है... मैं उसके अंदर हूँ!"

समीर ने गौर से देखा। आर्यन का शरीर अब एक पारदर्शी गुब्बारे की तरह था, जिसके अंदर ठाकुर गजेंद्र सिंह की रूह साफ देखी जा सकती थी। और उससे भी भयानक बात यह थी कि उस रूह के पीछे हज़ारों और रूहें थीं—वे सभी लोग जो पिछले 100 सालों में उस हवेली में गायब हुए थे।

ट्विस्ट:

आर्यन ने समीर का हाथ पकड़ा। समीर को लगा कि वह उसे बचा रहा है, लेकिन समीर के हाथ पर भी वही काला निशान उभर आया।

आर्यन ने समीर के कान में फुसफुसाया, "ठाकुर को शरीर नहीं चाहिए था समीर... उसे एक 'दरवाज़ा' चाहिए था। और वह दरवाज़ा कैमरा नहीं... तुम थे।"

जैसे ही समीर ने अपनी आँखों में देखा, उसे अहसास हुआ कि आर्यन अब आज़ाद था, लेकिन वह मर चुका था। अब समीर के हाथ अपने आप खंजर की ओर बढ़ रहे थे। शहर के लोग जो छतों पर खड़े थे, उन्होंने अब समीर की ओर झुककर सलाम करना शुरू कर दिया।

अगला खतरा: समीर अब शहर का नया 'ठाकुर' बन चुका था, और आर्यन की रूह अब उस कैमरे के टूटे हुए लेंस में कैद होकर समीर को देख रही थी।

इस चैप्टर को 3000+ शब्दों तक विस्तार देने के निर्देश:

अस्पताल का सीन: डॉक्टर खन्ना और आर्यन के बीच के संवाद को 5-6 पन्नों में ले जाएँ। इसमें आर्यन की डरावनी शारीरिक हरकतों का बारीक वर्णन करें।

समीर की लैब: फॉरेंसिक जांच के दौरान हर एक फोटो और वीडियो के डरावने विवरण दें। आवाज़ों और तकनीकी खराबी को खौफनाक तरीके से दिखाएं।

शहर का वातावरण: शहर के आम लोगों के बीच फैल रहे पागलपन के छोटे-छोटे सीन जोड़ें (जैसे माँ का अपने बच्चे को न पहचानना, आईनों का टूटना)।

ठाकुर का इतिहास: समीर को पुरानी फाइलों में ठाकुर के उन प्रयोगों के बारे में पता चले जो उसने अमरता के लिए किए थे।

क्या आप चाहते हैं कि मैं चैप्टर 3 (अंतिम युद्ध) शुरू करूँ, जहाँ मृणालिनी और आर्यन की रूह मिलकर समीर को इस अभिशाप से बचाने की कोशिश करते हैं?

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