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Chapter 1 - RM The Randhir Maheshwari

RM का खौफ़ 

मुंबई के एक बहुत बड़े आलीशान बंगले में एक शख्स जो अभी-अभी बाथरूम से नहा कर निकला। उसने ग्रे कलर की बाथरोब पहन रखा था और तौलिए से अपने बाल सूखाते हुए वह क्लोजेट रूम के अंदर गया। उसकी मस्कुलर बॉडी पर किसी हीरे की तरह चमक रही थी। उसका पूरा शरीर कसा हुआ था।

उसका चौड़ा सीना, उसके मसल्स, तीखे नैन नक्श ,काली गहरी आंखें और उसके पतले-पतले होठ उसकी पूरी पर्सनालिटी किसी को भी अपनी तरफ अट्रैक्ट करने के लिए काफी थी। क्लोजेट रूम में अंदर वो अपने कपड़े निकालने लगा। थोड़ी देर में वह पूरी तरह से एक फॉर्मल सूट पहन कर रेडी था। उसने ग्रे कलर की पैंट और कोट पहना था। जिसके अंदर सफेद शर्ट पहन रखा था और काले जूते। हाथों में ब्रांडेड घड़ी, कानों में स्टड और बालों को पूरे तरीके से सेट किया हुआ था। 

बंगले के 4th फ्लोर से वह शख्स लिफ्ट से नीचे आया और हॉल होते हुए बाहर जाने लगा कि तभी उसे पीछे से किसी की आवाज़ आई जिसे सुन वो रुक गया। 

"रणधीर नाश्ता तो करके जाओ, कितनी बार कहा है बिना खाए घर से नहीं जाते हैं।" पीछे से उस शख्स की मां नैना जी ने कहा। रणधीर जो उनके कहने पर रूक तो गया था। लेकिन पलटा नहीं, उसने उनकी बात सुनी और फिर बिना कोई जवाब दिए वह सीधा बाहर घर से निकल गया।

नैना जी उसे अपनी सूनी आंखों से जाते हुए देखती रहीं। तभी उनके पीछे से किसी ने उनके कंधे पर हाथ रखा और कहा,"नैना मैंने कहा था ना कि वह नहीं रुकेगा, देखा आज भी रणधीर बिना हमारे साथ नाश्ता के चला गया।'' ''अरे जब तुम्हें पता है कि वह इस घर में सिर्फ पापा के लिए रह रहा है।''

''उसे अपने मां बाप से कोई लेना देना नहीं है। फिर तुम क्यों हर बार खुद को तकलीफ पहुंचाने के लिए उससे बात करने की कोशिश करती हो, जबकि वह तो एक ही घर में रहने के बाद हमसे कभी मिलता भी नहीं है। छोड़ क्यों नहीं देती उसे उसके हाल पर और बंद करो खुद को यूं हर रोज तकलीफ पहुंचाना।"

अधिकांश माहेश्वरी, नैना जी के पति और रणधीर के पिता उन्होंने फिक्र भरी आवाज से नैना जी से कहा जो अभी तक बाहर की तरफ देख रही थी जहां से रणधीर गया था। 

नैना जी बोली,"आपको भी पता है कि मैं रणधीर के लिए इतनी फिक्र क्यों करती हूं और वह हम सबसे नाराज है आप भी जानते हैं कि वह उसके लिए बिल्कुल सही नहीं है। वह जो कर रहा है, जिसके लिए कर रहा है भगवान करें उसे वह कभी ना मिले। अपनी कमजोरी को उसने अपनी ताकत बनाई है लेकिन अगर वह लड़की उसके जीवन में आई तो वह लड़की रणधीर की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाएगी यह आप भी बहुत अच्छे तरीके से जानते हैं।"

ये है रणधीर महेश्वरी, उम्र 29 साल, हाइट 6 फीट 2 इंच। मुंबई के सबसे बड़े बिजनेसमैन एक तरीके से देखा जाए तो पूरी मुंबई इनके इशारों पर चलती थी। माहेश्वरी एम्पायर की सारे ज़िम्मेदारी इन्होंने अपने हाथों में ले रखी थी। बहुत कम उम्र में ही रणधीर ने बिजनेस वर्ल्ड की दुनिया में अपने कदम रखे थे और आज उसकी कामयाबी पूरे दुनिया में है उसका नाम ही काफी होता है लोगों के दिलों में उसके लिए खौफ पैदा करने के लिए। 

RM यह दो शब्द लोगों के लिए यह दो शब्द ही काफी थे उनके दिलों में रणधीर महेश्वरी के नाम का डर पैदा करने के लिए। पूरे मुंबई में रणधीर माहेश्वरी उर्फ RM का ही राज चलता था। लेकिन रणधीर माहेश्वरी की सिर्फ एक कमजोरी थी कि वह देख नहीं सकता था लेकिन उसकी यह कमजोरी कभी भी उसकी कामयाबी के आगे नहीं आई।

RM ने अपने ना देख पाने की कमी से दुनिया के सामने कभी खुद को कमजोर नहीं समझा और ना ही सामने वाले को समझने का मौका दिया। रणधीर जाकर अपने गाड़ी में बैठ जाता है और ड्राइवर स्टार्ट करता है जो उसने पहले से ही रेडी रखी थी। गाड़ी सीधा महेश्वरी इंडस्ट्री के बिल्डिंग के नीचे पार्किंग लॉट में आ कर गाड़ी रुकती है। 

पार्किंग लॉट के पीछे की तरफ एक लिफ्ट थी जो रणधीर के केबिन के साथ जुड़ी हुई थी। रणधीर लिफ्ट में जाकर खड़ा हो जाता है, जहां उसका (PA) धीर पहले से ही उसका वेट कर रहा था। उसने बिना किसी देरी के टॉप फ्लोर का बटन दबाया और लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट सीधा टॉप फ्लोर पर आकर रुकी।

रणधीर और उसका असिस्टेंट धीर बाहर निकले। टॉप फ्लोर पर बना RM का आलीशान केविन चारों तरफ से पूरे शहर की सुंदरता दर्शा रहा था। शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग थी जहां कि टॉप फ्लोर पर RM का केबिन बना हुआ था और इस फ्लोर पर किसी को भी उसके इजाज़त के बिना आने की परमिशन नहीं थी।

RM मल्टीनेशनल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी थी जो ग्लोबल world"s largest companies में से एक थी। जो दुनिया भर में मशहूर थी। RM केविन में आकर अपनी चेयर पर बैठते ही धीर से बोला,"धीर मैंने जो कहा था हुआ कि नहीं! और हां मुझे कोई एक्सक्यूज़ नहीं सुनना है, जवाब सिर्फ हां या ना में होना चाहिए। "

धीर काफी लंबे वक्त से RM के साथ काम कर रहा था इसलिए उसे RM की सारी छोटी बड़ी बातें पता थी और उसमें से यह भी की कब उसे गुस्सा आता और किस बात पर। धीर ने धीरे से कहा," सर मैंने जीमी को बोला था हां या ना सिर्फ मुझे हां या ना सुनना है मैं दोबारा रिपीट नहीं करूंगा अपने शब्दों को समझे।"

RM ने सख्त आवाज़ में धीर की बात बीच में काटते हुए कहा। धीर थोड़ा डरते हुए बोला,"न...नहीं सर, आपने जो कहा जीमी ने कहा है उसमें थोड़ा और टाइम लगेगा तब तक के लिए हमें वेट करना होगा। "

RM ने गुस्से से अपने दांत पीसते हुए कहा,"जीमी को अभी और इसी वक्त ऑफिस बुलाओ। "

धीर ने तुरंत जीमी को कॉल लगाया, ज्यादा समय नहीं लगा सामने से कॉल रिसीव हुआ तो धीर ने कहा," तुम जल्दी ऑफिस आ जाओ सर ने बुलाया है। "

फिर धीरे से फोन पर हाथ रखकर कहा" और अगर तुम अभी नहीं आए तो फिर तुम्हारी डेड बॉडी का पता भी कोई नहीं लग पाएगा।"

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