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Chapter 3 - अध्याय 3: खून के आँसू और स्वर्ग का दरवाजा

पाँच साल। मुरीम की इस निर्मम दुनिया में पाँच साल का समय पलक झपकते ही बीत जाता है, लेकिन ज़ियान के लिए ये पाँच साल पाँच सदियों के समान भारी थे।

'हेवनली सोर्ड माउंटेन' (Heavenly Sword Mountain) की बर्फीली चोटियाँ बादलों को चीरती हुई आसमान से बातें कर रही थीं। हज़ारों पत्थर की सीढ़ियाँ, जो पहाड़ के आधार से शुरू होकर सीधे शिखर तक जाती थीं, किसी विशाल अजगर की रीढ़ की हड्डी जैसी लग रही थीं। एक वयस्क के लिए भी इन अंतहीन सीढ़ियों को चढ़ना नामुमकिन था, लेकिन आज उन पर एक 5 साल का बच्चा अपनी पीठ पर एक छोटी सी पोटली लादे ऊपर चढ़ रहा था।

उसका नाम ज़ियान था। उसके नन्हे माथे पर पसीना था, लेकिन उसकी सांसें स्थिर थीं। उसकी आँखों में वह बचकानी चमक नहीं थी, बल्कि एक ऐसी ठंडी गहराई थी जो उम्र को झुठला रही थी।

ज़ियान ने एक पल के लिए रुककर नीचे देखा। नीचे की दुनिया धुंधली और तुच्छ लग रही थी। लेकिन उसकी यादों में एक मंज़र अब भी इतना ताज़ा था कि उसका सीना आज भी दर्द से फटने लगता था।

[फ्लैशबैक: 3 महीने पहले]

वह एक काली और तूफानी रात थी। ज़ियान और उसके माता-पिता, जो एक पुराने पुल के नीचे शरण लिए हुए थे, उस दिन खुश थे। उसके पिता को शहर के बाजार में एक अमीर व्यापारी से भीख में तांबे के दस सिक्के मिले थे।

"ज़ियान, आज हम पेट भरकर गरम सूप पिएंगे," उसके पिता ने अपनी टूटी हुई मुस्कान के साथ कहा था। उनके हाथ ठंड से कांप रहे थे, पर दिल में खुशी थी।

तभी, घोड़ों की टापें सुनाई दीं और हवा में एक भारी, दम घोंटने वाला दबाव महसूस हुआ—'Qi' (आध्यात्मिक ऊर्जा) का दबाव।

तीन आदमी, जो काले लबादों में थे और जिनकी कमर पर बेशकीमती तलवारें लटकी थीं, वहाँ रुक गए। वे 'रौग कल्टिवेटर्स' थे—वो योद्धा जिन्हें समाज ने ठुकरा दिया था और जो अब अपनी हताशा गरीबों पर निकालते थे।

"ए भिखारी! जो कुछ है निकाल दे," एक योद्धा ने शराब के नशे में धुत होकर चिल्लाया।

ज़ियान के पिता ने कांपते हुए वो दस सिक्के आगे बढ़ा दिए। "मालिक, बस यही है। कृपा करें, साथ में बच्चा है..."

कल्टिवेटर ने सिक्कों को देखा और उसकी हँसी से सन्नाटा गूँज उठा। "सिर्फ दस सिक्के? मेरी शराब की एक घूँट भी इससे महंगी है!" उसने महज़ मनोरंजन के लिए अपनी तलवार घुमा दी।

एक बिजली सी कौंधी और ज़ियान के पिता का सिर धड़ से अलग होकर कीचड़ में जा गिरा। खून की गरम फुहार ज़ियान के चेहरे पर पड़ी।

"नहीं!" ज़ियान की माँ चीखी और अपने पति के शव की ओर दौड़ी। दूसरे कल्टिवेटर ने ऊबते हुए अपना भाला सीधे उसकी माँ के सीने के पार कर दिया। "कितना शोर मचाते हैं ये कीड़े-मकोड़े।"

ज़ियान एक टूटे हुए खंभे के पीछे छिपा यह सब देख रहा था। उसका छोटा सा शरीर डर से नहीं, बल्कि बेबसी के गुस्से से कांप रहा था। वह बाहर निकलकर उन्हें अपने दाँतों से काट लेना चाहता था, लेकिन सिस्टम की एक आवाज़ उसके दिमाग में गूँजी: [चेतावनी: होस्ट की वर्तमान शक्ति स्तर शून्य है। हस्तक्षेप का अर्थ निश्चित मृत्यु है।]

कल्टिवेटर्स हँसते हुए चले गए, जैसे उन्होंने इंसानों को नहीं, चींटियों को कुचला हो। उस रात, ज़ियान ने अपनी माँ की बेजान आँखों को बंद करते हुए कसम खाई थी। उसकी आँखों का पानी सूख चुका था, और वहां नफरत की एक अमर ज्वाला जल उठी थी।

"ताकत..." उसने लहू से सने अपने हाथों को देखते हुए कहा था। "इस दुनिया में न्याय तलवार की धार से लिखा जाता है। मैं वह तलवार बनूँगा जिससे मौत भी डरेगी।"

[वर्तमान समय]

ज़ियान ने अपनी मुट्ठी भींची और दोबारा चढ़ना शुरू किया। पिछले 5 सालों में, उसने हर रोज़ 'डेली चेक-इन' किया था। हज़ारों बेकार रिवॉर्ड्स के बीच उसे चार अनमोल चीज़ें मिली थीं:

लोहे की तलवार (Rank: Common): जो फिलहाल उसकी इन्वेंट्री में सो रही थी।

5 जोड़ी कल्टिवेटर रोब्स: जिसने उसे एक भिखारी से एक सभ्य बालक बना दिया था।

बॉडी स्ट्रेंथनिंग पिल: जिसने उसकी मांसपेशियों को फौलाद जैसा बना दिया था।

बोन डेंसिटी पिल: जिसने उसकी हड्डियों को अभेद्य मज़बूती दी थी।

इन्हीं औषधियों के बल पर वह 5 साल की उम्र में भी इस पहाड़ को चुनौती दे पा रहा था। आखिरकार, वह आखिरी सीढ़ी पर पहुँचा। उसके सामने 'हेवनली सोर्ड सेक्ट' का विशाल द्वार खड़ा था, जिस पर सुनहरे अक्षरों में लिखा था—'जहाँ तलवार ही कानून है'।

द्वार पर दो पहरेदार खड़े थे। उन्होंने एक छोटे से बच्चे को अकेले शिखर पर खड़ा देखा, तो वे भौंचक्के रह गए।

"ओए छोटू! रास्ता भूल गया है क्या?" एक पहरेदार ने अपनी तलवार पर हाथ रखते हुए मज़ाक उड़ाया। "भाग जा यहाँ से, वरना कोई जंगली जानवर तुझे निगल जाएगा।"

ज़ियान ने अपनी नज़रें उठाईं। उसकी आँखों में वह खौफ नहीं था जो एक 5 साल के बच्चे में होना चाहिए। "मैं रास्ता नहीं भूला हूँ," ज़ियान की आवाज़ भारी और स्थिर थी। "मैंने सुना है यहाँ 5 साल की उम्र से दाखिला शुरू होता है। मैं अपनी किस्मत आज़माने आया हूँ।"

पहरेदार एक पल के लिए सन्न रह गए। उस बच्चे की आँखों में कुछ ऐसा था—एक अजीब सी बर्फीली ठंडक—जिसने उन्हें डरा दिया। "ठीक है, अगर मरने का शौक है तो वो देख..." पहरेदार ने इशारा किया।

वहाँ सैकड़ों बच्चों की लंबी लाइन लगी थी। ज़ियान चुपचाप लाइन की ओर बढ़ा। तभी उसके दिमाग में सिस्टम की आवाज़ गूँजी:

[मिशन अपडेट: सेक्ट में प्रवेश करें।]

[चेतावनी: एक अज्ञात 'हायर-लेवल' चेतना (Cultivator) द्वारा निगरानी की जा रही है।]

दृश्य: बादलों के ऊपर एक नज़र

पहाड़ के सबसे ऊँचे शिखर पर, एक बूढ़ा व्यक्ति सफ़ेद लबादों में खड़ा था। वह सेक्ट मास्टर था। उसकी बिजली जैसी तेज़ आँखें नीचे भीड़ में केवल एक ही बच्चे पर टिकी थीं—ज़ियान पर।

"अजीब है..." सेक्ट मास्टर बुदबुदाया। "इतनी छोटी उम्र और इतना शांत 'Dantian'? इस लड़के के भीतर कोई बच्चा नहीं, बल्कि एक प्यासा शेर छिपा है।"

उसने अपने पीछे खड़े एल्डर को आदेश दिया, "उस नीले कपड़े वाले बालक पर नज़र रखो। मुझे देखना है कि 'टैलेंट टेस्ट' की आग में वह पिघलता है या और निखरता है।"

नीचे खड़े ज़ियान को अंदाज़ा नहीं था कि उसकी नियति का अगला पन्ना पलटने वाला है। उसने अपनी मुट्ठी कसी और आगे बढ़ा।

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