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Chapter 1 - Unnamed

वैम्पायर (Vampire) या पिशाच की कहानियों का इतिहास सदियों पुराना है, जो प्राचीन लोककथाओं से शुरू होकर आधुनिक फिल्मों तक फैला हुआ है। इसका सफर कुछ इस प्रकार रहा है: 1. प्राचीन काल (Ancient Origins)वैम्पायर जैसे प्राणियों का ज़िक्र दुनिया की कई प्राचीन सभ्यताओं में मिलता है: मेसोपोटामिया: यहाँ 'लिलितु' (Lilitu) जैसी महिला राक्षसों की कहानियाँ थीं जो बच्चों का खून पीती थीं।प्राचीन ग्रीस और रोम: यूनानी लोककथाओं में 'लेमिया' (Lamia) और 'एम्पुसा' (Empusa) जैसे जीव थे जो इंसानों का मांस और खून खाते थे।भारत: भारतीय लोककथाओं में 'वेताल' (Vetal) जैसे जीव का वर्णन है जो शवों में निवास करता है और इंसानों को परेशान करता है। Wikipedia +22. मध्यकालीन यूरोप और अंधविश्वास (17वीं-18वीं शताब्दी)आधुनिक वैम्पायर की अवधारणा मुख्य रूप से पूर्वी यूरोप (जैसे सर्बिया और रोमानिया) से निकली है:जुरे ग्रांडो (Jure Grando): 1672 में क्रोएशिया के इस व्यक्ति को इतिहास का पहला आधिकारिक तौर पर दर्ज 'वैम्पायर' माना जाता है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना था कि वह मरने के बाद कब्र से निकलकर लोगों को डराता था.सामूहिक उन्माद (Mass Hysteria): 18वीं शताब्दी के दौरान यूरोप के कई गांवों में वैम्पायर का डर इतना बढ़ गया था कि लोग शक होने पर शवों को कब्र से निकालकर उनके दिल में खूंटा (Stake) गाड़ देते थे. Wikipedia +23. वैज्ञानिक और चिकित्सा कारणइतिहासकारों का मानना है कि उस समय बीमारियों की समझ न होने के कारण लोगों ने वैम्पायर जैसे मिथक गढ़े:बीमारियाँ: ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) और पोरफाइरिया (Porphyria) जैसी बीमारियों के कारण मरीज़ पीले और कमज़ोर दिखने लगते थे, जिससे लोगों को लगता था कि कोई उनका खून चूस रहा है।शव का सड़ना: मृत्यु के बाद शरीर से गैस निकलने के कारण कभी-कभी शव "जिंदा" या सूजा हुआ महसूस होता था, जिसे देखकर लोग उसे वैम्पायर मान लेते थे. PBS +14. साहित्य और आधुनिक पहचान (19वीं शताब्दी से अब तक)वैम्पायर को आज जो "स्टाइलिश" और "खतरनाक" रूप मिला है, वह किताबों की देन है:द वैम्पायर (1819): जॉन पॉलिदोरी की इस कहानी ने वैम्पायर को एक सभ्य और अमीर विलेन के रूप में पेश किया.ड्रैकुला (1897): ब्रॉम स्ट्रोकर (Bram Stoker) के उपन्यास 'Dracula' ने वैम्पायर की सबसे प्रसिद्ध छवि बनाई, जो ट्रांसिल्वेनिया के एक काउंंट पर आधारित थी.सिनेमा: 1922 की फिल्म 'नोसफेरातु' (Nosferatu) और बाद में 'ट्वाइलाइट' (Twilight) जैसी फिल्मों ने इन्हें आधुनिक पॉप कल्चर का हिस्सा बना दिया. YouTube +4क्या आप ड्रैकुला की असली ऐतिहासिक प्रेरणा, व्लाद द इम्पेलर (Vlad the Impaler) के बारे में और जानना चाहेंगे?

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