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Chapter 1 - voo duniya jo meri nhi the

वो दुनिया जो मेरी नहीं…

सुनने में बहुत अजीब लगता है—अगर ये हमारी दुनिया नहीं है, तो फिर किसकी है?

यह एक ऐसी दुनिया है… जो सितारों से भरी है।

काली है… लेकिन फिर भी बेहद खूबसूरत।

हाय रीडर्स, यह कहानी है रिया की।

रिया बहुत ज्यादा intelligent तो नहीं थी, लेकिन उसमें समझ बहुत थी।

बचपन से ही उसने काफी कुछ सहा था… लेकिन उसे खुद भी नहीं पता था कि आगे चलकर वह अपनी एक अलग पहचान बना लेगी।

रिया एक 16 साल की लड़की थी, जिसे ब्रह्मांड के बारे में जानना बहुत पसंद था।

उसके मन में हमेशा सवाल आते रहते—

तारे क्यों होते हैं?

हम सिर्फ पृथ्वी पर ही क्यों हैं?

जब वह अपने दोस्तों से ये सवाल पूछती, तो वे उसका मजाक उड़ाते।

और जब वह अपने parents से बात करती… तो वे उसे डांट देते।

लेकिन रिया को हमेशा लगता था—

कि ये सब सामान्य नहीं है।

इन सब के पीछे कुछ ऐसा है…

जो उसे बुला रहा है।

तारीख थी 2 तारीख, Wednesday।

रिया स्कूल गई थी, और उस दिन उसका library period था।

जब वह लाइब्रेरी में गई…

तो उसे एक ऐसी किताब मिली—

जिसका नाम था…

"…"

और यहीं से उसकी जिंदगी बदलने वाली थी।

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